जम्हूरियत में सिर्फ़ आवाज़ काफ़ी नहीं होती, बल्कि सियासी ताक़त भी बनानी पड़ती है तब ही सिस्टम में आवाज़ सुनी जाती है। बतौर मुसलमान या दीगर मज़लूम तबक़ा होने के जम्हूरियत का माना ही बदल जाता है, जोकि स्कूल और कॉलेज में नहीं पढ़ाया जाता। हमें तो यही मालूम है कि एक जम्हूरी निज़ाम में सभी को आवाज़ उठाने का हक़ होता है, ज़रा सोचिए उस आवाज़ का क्या फ़ायदा जोकि सिस्टम धर्म और नस्ल देख कर नकार दे
🎧👉 open.spotify.com/episode/6NCR...
Posts by Arshad Siddiqui
मौजूदा हिंदोस्तानी हुकूमत आरएसएस के इस नैरेटिव पर पूरी तरह कारबंद है कि मुसलमानों के लिए हिंदोस्तान में कोई जगह नहीं है! मुसलमान सरकार को एक आम शहरी की तरह टैक्स देते हैं मगर फिर भी यह नस्ली भेद-भाव क्यों? और इस भेद-भाव में पढ़े-लिखे लोग शामिल हैं! यह हमें नाज़ी जर्मनी की याद दिलाता है, जिस तरह उनकी सरकार ने यहूदियों को डीह्युमेनाइज़ कर ख़त्म कर दिया था।
pca.st/ulri8y0v?t=3... 👈🎧
#Author #CityOnFire
क्या वजह हो सकती है?
1. ख़ुद पर ऐतिमाद की कमी?
2. हिंदुत्व दहशदगर्दी का दबाव, सिस्टम से मायूसी?
3. सियासी शुऊर और बेदारी की कमी?
या कुछ और?
हिंदोस्तान में मुसलमान नस्ली/मज़हबी भेद-भाव की बुनियाद पर होने वाले ज़ुल्म, तशद्दुद, क़त्लेआम को भुलाना क्यों चाहते हैं? अमेरिका और दीगर जम्हूरी मुल्कों में मज़लूम तबक़े के लोग तो ऐसा नहीं करते,
🎧👉 pca.st/ulri8y0v?t=2...
#Author #Book #CityOnFire #Aligarh #ZeyadMasroorKhan #AllIndiansMatter
बड़े लोगों के कम्युनलिज़्म से बच्चों पर असर तो पड़ता है, मगर जब बच्चे सादगी से हक़ीक़त बयाँ कर देते हैं तो फिर बड़े लोग उसे दंडित क्यों करते हैं? क्या इसलिए कि बच्चों को अपनी कम्युनल मानसिकता का शिकार बनाना बहुत आसान होता है?
बच्चों को कम्युनलिज़्म से अलग एक इंसानी माहौल देना तो बनता है 🎧👇
pca.st/ulri8y0v?t=1...
#Author #Book #CityOnFire #Aligarh #ZeyadMasroorKhan #AllIndiansMatter
आसमाँ साफ़ है, कोहराम ज़मीं पे ही है
बशर बाशुऊर है, दीवानगी मुआशरे में ही है
~अरशद
नीले आसमान में स्वागत है 👋🥳
आसमाँ साफ़ है, कोहराम ज़मीं पे ही है
बशर बाशुऊर है, दीवानगी मुआशरे में ही है
~अरशद
नीले आसमान में स्वागत है 👋🥳