क़िसास: परिवार ने माफी देने से किया इनकार कर, दोहराई क़िसास की मांग; जानें क्या है यह कानून
Kerala News: केरल की नर्स निमिषा प्रिया, जो यमन में हत्या के मामले में क़िसास कानून के तहत मौत की सजा का सामना कर रही हैं, को अस्थायी राहत मिली है। उनकी फांसी, जो 16 जुलाई 2025 को तय थी, को टाल दिया गया है। हालांकि, पीड़ित परिवार ने माफी और मुआवजे को ठुकराकर क़िसास की मांग दोहराई है, जिससे उनकी जान अब भी खतरे में है। निमिषा प्रिया का मामला 36 वर्षीय निमिषा प्रिया 2008 में नौकरी के लिए केरल के पलक्कड़ से यमन गई थीं। वहां उन्होंने स्थानीय नागरिक तालाल अब्दो महदी के साथ क्लिनिक शुरू किया। 2017 में महदी की मौत के बाद निमिषा पर हत्या का आरोप लगा। यमन की अदालत ने 2020 में उन्हें क़िसास के तहत मौत की सजा सुनाई। निमिषा का दावा है कि उन्होंने आत्मरक्षा में कदम उठाया, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।
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